5.5.18

किशोर साहू स्मृति राष्ट्रीय अलंकरण समारोह 2018

भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम दर्ज कराने वाले महान फिल्मकार किशोर साहू का जन्म छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हुआ था बस इतना ही परिचय काफी है। उनका जन्म 22 नवंबर 1915 को हुआ था और वे 22 अगस्त 1980 को हम सब को छोड़कर इस दुनिया से चले गये। किशोर साहू के परिचय में राजनांदगांव ही काफी है इसलिये कहा क्योकि ये वो अचंल है जिसने राज्य ही नहीं अपितु देश के कई रंगमंचों को बेहतरीन कलाकार दिये है। हबीब साहब ने भी राजनांदगांव जिले के कई कलाकारों को नये थेयेटर से जोड़कर कला की बुलंदी तक पहुंचाया। वहां की माटी में अद्भुत गुण है जिसने पहचाना वो आज कला और साहित्य की शिखर पर है और तकदीर से किशोर साहू भी इसी धरा पर अवतरे। 

बहुमुखी प्रतिभा के धनी किशोर साहू अभिनेता, निर्देशक, पटकथा लेखक के साथ-साथ फिल्म निर्माता के रूप में भी कामयाब रहे। उनका फिल्मी जीवन 1937 से शुरू हुआ और 1980 के दशक तक वे लगभग 22 फिल्मों में काम किये तथा 20 फिल्मों का निर्देशन भी किया। उनके निर्देशन में कुवरा बाप 1943 की सबसे सफल फिल्म रही जिसे सर्वश्रेष्ठ भारतीय फिल्म का पुरस्कार मिला। इसके अलावा परिवारिक फिल्म नदिया के पार ने तो इतिहास रच दिया भारतीय सिनेमा में। 'मयूरपंख', 'सावन आया रे', 'पुष्पांजलि', 'हरे कांच की चुड़िया', 'पुनम की रात', 'दिल अपना और प्रित पराई', 'किस्मत का खेल' में उनके निर्देशन को खूब सराहना मिली।

 'तीन बहुरानी', 'औरत', 'हरे कांच की चुड़िया', 'दिल अपना और प्रित पराई', 'मयूरपंख' में उनके कलम ने भी अपना जौहर दिखाया। वे खुद इस बात को मानते थे कि बचपन में कहानी लिखने की ललक आज उनको सिनेमा तक ये आई है। छत्तीसगढ़ राज्य के अलग होने के बाद से ही यहां के कला साधकों की पूछपरख बड़ने लगी, लोग अपने आंचलिक प्रतिभाओं को सम्मान देने लगे। राज्य सरकार की ओर अनेक विधाओं राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाता है। 




हाल ही में इसमें एक और नया अध्याय जुड़ा किशोर साहू अलंकरण के रूप में जिसमें दो सम्मान दिये जा रहे है, एक राष्ट्रीय और दूसरा प्रादेशिक स्तर पर। प्रथम किशोर साहू अलंकरण समारोह 4 मई को राजनांदगांव के गोविंदराम निर्मलकर सभागार में आयोजित की गई। समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के करकमलों से मुम्बई के प्रसिद्ध फिल्मकार 'श्याम बेनेगल' को किशोर साहू स्मृति राष्ट्रीय अलंकरण से नवाजा गया तथा छत्तीसगढ़ी फिल्मों के निर्देशक 'मनोज वर्मा' को किशोर साहू स्मृति राज्य सम्मान से सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मुख्य अतिथि की आसंदी से समारोह में डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती से और विशेष रूप से राजनांदगांव के साथ स्वर्गीय श्री किशोर साहू का गहरा भावनात्मक लगाव था। स्वर्गीय श्री साहू ने अपनी आत्मकथा में राजनांदगांव को सुन्दर, सौम्य और संस्कारधानी शहर बताया है। साथ ही देश के तीन सुप्रसिद्ध साहित्यकार स्वर्गीय श्री गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र को याद करते हुए कहा कि तीनों महान साहित्यिक विभूतियों ने राजनांदगांव को अपनी कर्मभूमि बनाकर देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ का नाम रौशन किया। 

समारोह को संबोधित करते हुए श्याम बेनेगल ने कहा कि लोक-संगीत, लोक-गीत और लोक-कलाओं की दृष्टि से छत्तीसगढ़ काफी समृद्ध है। छत्तीसगढ़ से जुड़ी अपनी लगभग 40 वर्ष पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर यशपाल ने साक्षरता अभियान के लिए एक प्रोजेक्ट बनाया था, जिसके तहत मैं फिल्मांकन के लिए छत्तीसगढ़ आया था। मुझे अपनी युवा अवस्था में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में स्वर्गीय श्री किशोर साहू के कार्यों को नजदीक से देखने का मौका मिला था। स्वर्गीय श्री साहू ने हिन्दी सिनेमा को एक नई पहचान दिलाई।

राज्य के प्रथम किशोर साहू स्मृति राष्ट्रीय अलंकरण और राज्य सम्मान के निर्णयक मंडल में शामिल थे अशोक मिश्रा, रघुवीर यादव और जयंत देशमुख। समारोह में विशेष रूप से सर्वश्री दयालदास बघेल, अभिषेक सिंह, मधुसूदन यादव, श्रीमती शोभा सोनी, श्रीमती सरिता कन्नौजे, कोमल जंघेल, खेदूराम साहू, लीलाराम भोजवानी के अलावा स्व. श्री किशोर साहू के सुपुत्र विक्रम साहू मौजूद रहे।

सम्मानित दोनो महानुभवों को सोशल मीडिया में अनेक लोगों से बधाई और शुभकामनाएं पोस्ट किये
'सम्मान जिनसे सम्मानित हुआ'
छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विजुअल आर्ट सोसायटी के फेसबूक वॉल पर श्री सुभाष मित्रा जी लिखे है कि-
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा फिल्म एक्टर डायरेक्टर स्वर्गीय किशोर साहू के नाम से स्थापित पहला सम्मान, श्याम बेनेगल जैसे निर्देशक को दिया गया। श्याम बेनेगल जैसी शख्सियत को मिला यह सम्मान स्वयं सम्मानित हुआ। सिनेमा का क्लासिक रचने वाले डाउन टू अर्थ श्याम बेनेगल अपने पूरे व्यवहार और सज्जनता मे यह बता जाते हैं की कोई भी व्यक्ति महान कैसे होता है। आक्रोश, निशान्त, मंडी, ज़ुबैदा, समर जैसी फिल्मों, भारत एक खोज और अमरावती, संविधान जैसे टी. वी. सीरियल के निर्देशक, दादा साहब फाल्के पुरस्कार से पुरस्कृत श्याम बेनेगल को राजनांदगाँव मे आयोजित किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण समारोह में हिन्दी सिनेमा मे योगदान के लिए सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमनसिंह ने दस लाख रूपये के नगद पुरस्कार, शाल श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर उन्हे सम्मानित किया। इसी समारोह में दो लाख रूपये के नगद पुरस्कार और शाल श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर छत्तीसगढ़ के निर्देशक मनोज वर्मा को भी सम्मानित किया गया। 





हमारे जैसे कला, संस्कृति, सार्थक सिनेमा से जुड़े लोगो के लिए आज का पूरा दिन बहुत यादगार रहा। हमने आज पूरा समय ग्रेट श्याम बेनेगल के साथ बिताया। स्क्रिप्ट राईटर और श्याम बेनेगल के साथ लंबे समय से जुड़े अशोक मिश्र, फिल्म एक्ट्रर रधुवीर यादव, किशोर साहू के पुत्र अभिनेता विक्रम साहू, आर्ट डायरेक्टर मित्र जंयत देशमुख, मनोज वर्मा और मैने आज श्याम बेनेगल साहब से रायपुर से लेकर राजनांदगाँव की पूरी यात्रा और रायपुर प्रवास मे बहुत से विष्यो पर बातचीत की। पूरादिन और आधी रात तक का यह संत्सग अविस्मरणीय है जिसमें हिमांशु राय, देविका रानी, अशोक कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन से लेकर भारत एक खोज, समर, संविधान को लेकर बहुत सी बातें हुई ...


गजेंद्ररथ वर्मा मनोज वर्मा के फेसबूक पर टेग करते हुये लिखते है- 'कला का सम्मान'
कलाकार जिनगी भर ताली अउ सराहना ले उत्साह पाथे न ओला धन के लालच होथे अउ न ही बड़े पद पाए के...जब एक कलाकार के सम्मान होथे त बाकी सब्बो कलाकार के घलो सम्मान होथे...भैया मनोज वर्मा के सम्मान पूरा छोलीवुड के सम्मान हे... हर वो नान्हे कलाकार के सम्मान हे जउन कला ले जुड़े हें कलाकारी ले सिरजे हें। अंतस के आनन्द, खुसी के व्याख्या कहूं आज शब्द म नई हो पाही,मैं वो दिन ल सोरियात हंव जब हमन बछर 2006 म फ़िल्म बैर के सुरुवात करेन भैया मनोज वर्मा, भैया शैलेंद्रधर दीवान, अन्थोनी गार्डिया, सुदीप नियोगी भैया हम सब्बो मिल जुर रात रातभर फ़िल्म खावन, फ़िल्म सुतन, फ़िल्म जीयन अउ आज घलो वो यात्रा जारी हे... एकर पड़ाव म सम्मान के हजारों ठहराव आवय...भैया मनोज वर्मा ल छत्तीगढिया माटी ले सिरजे किशोर साहू सम्मान बर हिरदे ले बधाई...

अनुराधा दुबे जी लिखती है-
बहुआयामी फिल्मकार मनोज वर्मा जी को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज माननीय मुख्यमंत्री महोदय के करकमलों से पहले किशोर साहू राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें अनंत बधाई और शुभकामनाएं....
तपेश जैन जी लिखते है-
छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए ऐतिहासिक दिन- 
आज स्व किशोर साहू राष्ट्रीय सम्मान समारोह में राज्य स्तरीय प्रथम सम्मान छत्तीसगढ़ी सिनेमा को अंतर्राष्टीय स्तर पर पहचान देने वाले श्री मनोज वर्मा को मुखयमंत्री डॉ रमन सिंह ने प्रदान किया। समारोह के उपरांत श्री मनोज वर्मा के साथ फिल्मकार तपेश जैन, स्मार्ट सिनेमा क संपादक पी एल एन लक्की के साथ पदम श्री स्व गोविन्द राम निर्मलकर ऑडिटोरियम, राजनाँदगाँव में। मनोज भाई को कोटि कोटि बधाइयाँ ...

अनिरूद्ध दुबे जी ने फोटो शेयर करते हुये लिखा है-
हमारे अपने छत्तीसगढ़ी सिनेमा के डायरेक्टर मनोज वर्मा को आज छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पहला फिल्मकार किशोर साहू सम्मान दिया जा रहा है। मनोज 'भूलन द मेज', 'महूं दीवाना तहूं दीवानी' एवं 'बैर' फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। पुरस्कार ग्रहण करने रवाना होने से पहले भाई मनोज के साथ एक तस्वीर...

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह- हिन्दी सिनेमा में स्वर्गीय श्री किशोर साहू के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके द्वारा प्रसिद्ध कलाकार दिलीप कुमार और कामिनी कौशल को लेकर 'नदिया के पार नामक जिस फिल्म का निर्माण किया था, उसमें नांदघाट का भी वर्णन है। डॉ. सिंह ने कहा - लोकप्रिय हिन्दी फिल्म 'गाईड' में भी स्वर्गीय श्री किशोर साहू ने एक यादगार भूमिका निभाई थी। स्वर्गीय श्री किशोर साहू की इस फिल्म में पहली बार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विशेषताओं की झलक मिली। 

फिल्म मेकर श्याम बेनेगल- छत्तीसगढ़ से मेरा नाता लगभग 40 वर्ष पुरानी है उस समय एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर यशपाल ने साक्षरता अभियान के लिए एक प्रोजेक्ट बनाया था, जिसके तहत मैं फिल्मांकन के लिए छत्तीसगढ़ आया था। मुझे अपनी युवा अवस्था में फिल्म निर्माण के क्षेत्र में स्वर्गीय श्री किशोर साहू के कार्यों को नजदीक से देखने का मौका मिला था। स्वर्गीय श्री साहू ने हिन्दी सिनेमा को एक नई पहचान दिलाई।

सांसद श्री अभिषेक सिंह- स्वर्गीय श्री किशोर साहू ने अपने परिश्रम तथा कला-कौशल से फिल्म जगत में बड़ा स्थान बनाया। वे छश्रीसगढ़ की धरती से गहराई से जुड़े हुए थे। उनकी फिल्मों में छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं की सोंधी महक है।
- फोटो साभार सोशल मीडिया से

13.4.18

पीएम मोदी ने ‘आयुष्मान भारत योजना’ का किया शुभारंभ, छत्तीसगढ़ के आदिवासी बाहुल्य अंचल को मिला अनेक सौगात


छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब कोई प्रधानमंत्री अपने प्रथम कार्यक्राल में चौथी बार पहुंच रहे है। बीजापुर जिले के गांव जांगला के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान होने वाले सभी कार्यक्रमों की पूरी तैयारी कर ली गई है। संविधान निर्माता बाबा साहेब अम्बेडकर जयंती जी कि जयंती के अवसर पर प्रधान मंत्री विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे। इससे पहले उन्होंने 1 9, 2015, 9 नवं, 2015 को नयावापुर, और कुरुबहाट गांव (डोंगरगढ़ ब्लॉक राजनांदगांव जिला) का दौरा किया था, और 1 नवंबर, 2016 को उन्होंने नई रायपुर में राज्योत्सव में भाग लिया था। ​जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रधान मंत्री 9.20 बजे भारतीय वायुसेना की उड़ान से नई दिल्ली से प्रस्थान करेंगे और जगदलपुर (बस्तर) 11.30 बजे पहुंचेगे, वहां से वह 12.25 बजे तक जांगला पहुंचकर ‘आयुष्मान भारत योजना’ सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के शुभारंभ तथा विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। 


यह योजना भारत के 10 करोड़ गरीब लोगों को 5 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा लाभ प्रदान करेगी। इस योजना के तहत इन परिवारों के 40-50 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। लाभार्थी सरकार द्वारा भर्ती अस्पताल में गंभीर रोगग्रस्त रोगियों के नि: शुल्क चिकित्सा उपचार का लाभ उठाने के हकदार होंगे। प्रधान मंत्री जी जांगला के उप-स्वास्थ्य केंद्र में आयुषमान भारत योजना और संबंधित कार्यक्रमों का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर, वह स्थानीय और ब्लॉक-स्तरीय श्रमिकों के साथ बातचीत करेंगे। प्रधान मंत्री जी जांगला सहित बीजापुर के सात गांवों के लिए विभिन्न बैंक शाखाओं का उद्घाटन करेंगे। इन शाखाओं के उद्घाटन के साथ, बस्तर राजस्व विभाग के 21 गांवों, जो पहले नहीं थे, उन्हें एटीएम सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, कोंदगाव जिले के उरानबेद गांव और दंतेवाड़ा जिले के पांन्डम गांव को बैंक की अपनी शाखा भी मिलेगी। साथ ही नव निर्मित रेल लाइन का अनावरण करेंगे और उत्तरी बस्तर के लोगों के लिए एक यात्री ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। 

इसके साथ, उत्तर बस्तर को रेलवे नेटवर्क और सेवाओं से जोड़ा जाएगा। नरेन्द्र मोदी, छत्तीसगढ़ सरकार के बस्तर नेट परियोजना के पहले चरण का उद्घाटन जांगला में आयोजित कार्यक्रम में करेंगे। इस परियोजना के तहत, बस्तर के दूरदराज के गांवों तक इंटरनेट की पहुंच का विस्तार करने के लिए बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कांकेर, कोंदगाव, सुकमा और दंतेवाड़ा में ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क का विकास किया जा रहा है। यह नेटवर्क लगभग 40 हजार वर्ग किलोमीटर तक फैला होगा। यह परियोजना दो चरणों में लागू की जाएगी, पहले चरण में 405 किमी नेटवर्क और दूसरी में 431 किमी नेटवर्क विकसित किया जाएगा। 

प्रधान मंत्री के जांगला दौरे के दौरान, मोदी राज्य सरकार द्वारा आयोजित बीजापुर जिला के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं के आधार पर प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे। श्री मोदी छत्तीसगढ़ सरकार की भारत बीपीओ पदोन्नति योजना के अंतर्गत ग्रामीण बीपीओ केंद्र की स्थापना करेंगे, जो कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का एक बड़ा स्रोत साबित हो रहा है। । श्री मोदी पीएमजीएसवाई के तहत जंगला में 1043 करोड़ रुपये के सड़कों और पुलों का आधार स्थापित करेंगे। वह इंद्रावती नदी के ऊपर उच्च गुणवत्ता वाले पुल का भी निर्माण करेगा।  प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सामान और सब्सिडी भी वितरित करेंगे। प्रधान मंत्री के दौरे के दौरान जांगला में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम में रमन सिंह की अध्यक्षता करेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा अतिथि के रूप में भाग लेंगे। केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री विष्णुदेव साय, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ विधान सभा श्री गौरीशंकर अग्रवाल और छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री, बस्तर के सांसद श्री दिनेश कश्यप भी विशेष रूप से कार्यक्रम में भाग लेंगे।

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